उत्तर प्रदेश में ईवीएम की आवजाही शक के घेरे में, कई पार्टियों के प्रतिनिधियों ने किया विरोध…..

उत्तर प्रदेश में ईवीएम की आवजाही शक के घेरे में, कई पार्टियों के प्रतिनिधियों ने किया विरोध…..

लोकसभा चुनाव के परिणामों से पहले विपक्ष की ओर से ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अभी तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं। जिनको आधार बना विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग पर उंगली उठा रही है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और चंदौली में हुई घटना पर अब EC ने सफाई दी है। आयोग ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि सभी EVM कड़ी सुरक्षा में और सुरक्षित हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महागठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने ईवीएम बदलने का आरोप लगाया था, इसको लेकर उनकी अधिकारियों से झड़प भी हुई जिसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे जिसका विडियो भी वायरल हुआ। अफजल अंसारी ने आरोप लगते हुए कहा चंदौली में इवीएम बदलने की कोशिश हुई है। यहां भी यह वाकया दोहराया जा सकता है। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर वहां से हटाने की कोशिश लेकिन वह और उनके समर्थक एक भी मानने को तैयार न थे। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों व अफजाल अंसारी के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। अफजाल अंसारी के किसी भी कीमत पर वहां से न हटने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई। स्थिति को देखते हुए वहां भारी संख्या में पीएसी बुला ली गई। उनके साथ जंगीपुर सपा विधायक डॉ. विरेंद्र यादव भी थे।

वहीं चंदौली के जिला मुख्यालय पर स्थित नवीन मंडी समिति परिसर में EVM रखे जाने की सूचना मिलने पर विपक्षी दलों के लोगों ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष के लोगों ने प्रशासन पर ईवीएम बदलने के आरोप लगाए, वहीं अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को उन ईवीएम को यहां स्ट्रॉन्ग रूम में लाया गया था, जिन्हें पूर्व में सकलडीहा तहसील पर रिजर्व मशीनों के रूप में रखा गया था।

धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभु नारायण यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी की शह पर ईवीएम बदली जा रही है। विधायक ने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की शह पर स्थानीय प्रशासन ने ईवीएम बदली है और आयोग भी भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर ही काम कर रहा है।

इन सब विवादों के बीच चुनाव आयोग के स्पोक्पर्सन ने ट्वीट करते हुए सफाई दी ही है कि जो भी किया गया है चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार हुआ है।